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(as of Dec 21, 2025 14:50:51 UTC – Details)
9789390372478 : Kahani Jammu-Kashmir Ki (Hindi Translation of Kashmir Narratives: Myths Vs Realities of J&K)
कश्मीर-जम्मू और कश्मीर है’ से ‘मकबूल शेरवानी ने कश्मीर को बचाया’, ‘डोगराओं ने कश्मीरियों पर अत्याचार किया’, ‘विलय के दस्तावेज पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए गए’ से लेकर ‘कश्मीरी अलग हैं और एक विशेष सुलूक के हकदार हैं’, बहुत से आख्यान—झूठे और विश्वास करने लायक, दोनों कई दशकों से जम्मू-कश्मीर के बारे में राजनीतिक और अकादमिक बातचीत के केंद्र बिंदु रहे हैं।
इस काम में ऐसे आख्यानों पर जानबूझ कर एक नजर डाली गई है, क्योंकि ये हमारे इतिहास की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधि से संबंधित हैं और जम्मू-कश्मीर के लोगों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। किंतु कई समीक्षक आज भी भुलावे और भ्रमित मनस्थिति में हैं।
9789389471687 : Kashmiri Ki Classic Kahaniyan “”कश्मीरी की क्लासिक कहानियाँ”” Book in Hindi
कश्मीरी की क्लासिक कहानियाँ संग्रह की सभी कहानियाँ सदाबहार यानी अपने समय में भी सर्वश्रेष्ठ थीं और काल की धार को झेलती आज भी इन्हें कश्मीरी कथा-साहित्य की बेजोड़ रचनाएँ कहलाने का गौरव प्राप्त है। इस बीच गंगाजी और जेहलम में खूब पानी बहा कश्मीर घाटी राजनीतिक संक्रमण और सामाजिक विघटन के भयावह दौर से बार-बार गुजरी, मगर इस सबके बावजूद इन लाजवाब कहानियों की सुत्रास, सौंदर्य और संदेश में कोई कमी नहीं आई। इन कहानियों का संदेश तब भी देश – कालातीत था और आज भी है शाश्वत साहित्य की यही तो पहचान होती हैं। इन कहानियों में वह सबकुछ है, जो इन्हें सर्वश्रेष्ठ अथवा क्लासिक बनाता है।
9789355214638 : Bahawalpur Ka Shatir Premi (Hindi Version of The Lover Boy of Bahawalpur) | Untold Story of India’s Pulwama Terrorist Attack
फरवरी 2019 में कश्मीर के पुलवामा में हुआ आतंकी हमला भारत पर हुए सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक था, जिसमें चालीस भारतीय सैनिक शहीद हो गए। लेकिन जब एन.आई.ए. ने बम धमाके की जाँच शुरू की तो उन्हें कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इस दुस्साहसी हमले के असली मास्टरमाइंड कौन थे? इसका पता लगाना असंभव सा लग रहा था।
रोमांचकारी और गहन जानकारी से भरी इस पुस्तक में पुरस्कृत लेखक और पत्रकार राहुल पंडिता बताते हैं कि अपराध की जानकारी जुटाने में माहिर एन.आई.ए. टीम ने किस प्रकार एक-एक कर सारी पहेलियों को सुलझाया। तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के दौरान नजरबंद किए गए एक उपद्रवी, मुठभेड़ में मारे गए एक आतंकवादी के वासनापूर्ण संदेशों से भरे मोबाइल फोन और खुद पुलवामा हमले के बीच की कडिय़ों को जोडऩे में सफलता प्राप्त की।
ASIN : B0F9926WRN
Publisher : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.; Standard Edition (18 May 2025)
Language : Hindi
Paperback : 632 pages
Item Weight : 440 g
Dimensions : 22 x 14 x 1.8 cm
Country of Origin : India
Net Quantity : 3 Count
Packer : BestSellingBooks
Generic Name : Book
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