Hindutva Ki Hattrick + Bhagat Singh Jail Diary + Mopala Kand Arthat Mujhe Usse Kya ? + Parivartansheel Vishwa Mein Bharat Ki Ranneeti | Letters & Jail Diary Of Bhagat Singh On Revolution | Religion & Politics | Set of 4 Books in Hindi)

Hindutva Ki Hattrick + Bhagat Singh Jail Diary + Mopala Kand Arthat Mujhe Usse Kya ? + Parivartansheel Vishwa Mein Bharat Ki Ranneeti | Letters & Jail Diary Of Bhagat Singh On Revolution | Religion & Politics | Set of 4 Books in Hindi)

Hindutva Ki Hattrick + Bhagat Singh Jail Diary + Mopala Kand Arthat Mujhe Usse Kya ? + Parivartansheel Vishwa Mein Bharat Ki Ranneeti | Letters & Jail Diary Of Bhagat Singh On Revolution | Religion & Politics | Set of 4 Books in Hindi)
Price: ₹1,750 - ₹798.00
(as of Dec 01, 2025 21:24:50 UTC – Details)


9789355624598 : Hindutva Ki Hattrick

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों का विश्लेषण करते समय हमें यह जरूर ध्यान रखना होगा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों, चर्चाओं, कुचक्रों व अफवाहों के बाद भी देश की जनता ने एक स्पष्ट बहुमत वाली सरकार चुनी। चुनाव पूर्व बने राजग गठबंधन को देश की महान् जनता ने फिर पाँच साल के लिए प्रतिनिधित्व सौंपा। जनादेश की स्पष्टता देखिए कि किसी नए सहयोगी की आवश्यकता नहीं पड़ी और कौन सी पार्टी व कौन सा नेता नेतृत्व करेगा, ये सब पहले ही तय कर दिया गया। हिंदुत्व की राजनीति का अंत मानने वालों के लिए यह करारा झटका है। तमाम नकारात्मक चर्चाओं के बाद भी बीजेपी को 240 सीटें देकर उसके अडिग व विचलित न होने वाले मतदाता ने साफ कर दिया कि वह हर परिस्थिति में उसके साथ है।

9789353224721 : Bhagat Singh Jail Diary

माँ भारती के अमर सपूत शहीद भगतसिंह के बारे में हम जब भी पढ़ते हैं, तो एक प्रश्न हमेशा मन में उठता है कि जो कुछ भी उन्होंने किया, उसकी प्रेरणा, हिम्मत और ताकत उन्हें कहाँ से मिली? उनकी उम्र 24 वर्ष भी नहीं हुई थी और उन्हें फाँसी पर चढ़ा दिया गया। लाहौर (पंजाब) सेंट्रल जेल में आखिरी बार कैदी रहने के दौरान (1929-1931) भगतसिंह ने आजादी, इनसाफ, खुद्दारी और इज्जत के संबंध में महान् दार्शनिकों, विचारकों, लेखकों तथा नेताओं के विचारों को खूब पढ़ा व आत्मसात् किया। इसी के आधार पर उन्होंने जेल में जो टिप्पणियाँ लिखीं, यह जेल डायरी उन्हीं का संकलन है। भगतसिंह ने यह सब भारतीयों को यह बताने के लिए लिखा कि आजादी क्या है, मुक्ति क्या है और इन अनमोल चीजों को बेरहम तथा बेदर्द अंग्रेजों से कैसे छीना जा सकता है, जिन्होंने भारतवासियों को बदहाल और मजलूम बना दिया था।

9789355213143 : Mopala Kand Arthat Mujhe Usse Kya ?

शास्त्रीजी का घर देखते ही मौलवी ने कहा, “यही है, यही वह काफिर है | पकड़ो, मारो मत, पकड़ो ।” मोपला बंदूक चलाते हुए शास्त्रीजी के घर पर चढ़ाई करने आए । बंदूकों की आवाजें सुनते ही आसपास के घरों में लोग छिपने लगे, जो निःशस्त्र होने के कारण घायल हो गए थे। हरिहर शास्त्री ने भी दरवाजे बंद कर अंदर से पूछा, “मौलवी, आपको क्‍या चाहिए? हम निरपराध ब्राह्मणों के घरों पर आप हमला क्‍यों कर रहे हैं? मोपला लोग अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह कर उठे थे, वे नाहक हमपर क्‍यों शस्त्र उठा रहे हैं?” मौलवी ने कहा, “तुम अगर अपने पास का सारा धन हमें दे दो, और घर के सभी लोगों के साथ मुसलमान बनो तो हम तुम्हें अपना समझेंगे | इतना ही नहीं, अपितु तुम्हारी उस सुंदर बेटी से मैं शादी करके तुम्हें इस खिलाफत राज्य में सम्मानित अधिकारी बनाऊँगा | -इसी पुस्तक से स्वातंत्रयवीर सावरकर की यह पुस्तक मोपलाओं द्वारा किए गए हिंदुओं के उस नृशंस एवं जघन्य नरसंहार का सजीव चित्रण है, जो हर हिंदू के मन और आत्मा को झकझोरकर रख देगी | अगर अभी भी हिंदू समाज नहीं चेता तो 1921 की वीभत्स स्थिति की पुनयवृत्ति हो सकती है |

9789390366507 : Parivartansheel Vishwa Mein Bharat Ki Ranneeti

सन् 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से लेकर सन् 2020 की कोरोना महामारी तक के दशक ने विश्व व्यवस्था में एक वास्तविक परिवर्तन को देखा है। हमारी आँखों के सामने अंतरराष्ट्रीय संबंधों की प्रकृति और इसके नियमों में परिवर्तन हो रहे हैं। भारत के लिए इसका अर्थ है कि अपने लक्ष्यों को अधिक-से-अधिक आगे ले जाने के लिए सभी प्रमुख शक्तियों से अपने संबंध उच्चतम स्तर तक ले जाए। इसके लिए करीबी और दूर के पड़ोसियों से संबंधों को लेकर एक स्पष्ट और गैर-पारस्परिक तरीके की जरूरत है। पूरे विश्व में भारत की पहचान बन रही है जिससे भारत की क्षमता और प्रासंगिकता के साथ ही इसके विशिष्ट प्रवासियों की स्थिति भी बेहतर हो रही है। पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचानेवाले इस युग में भारत से काफी उम्मीदें हैं, जिनके कारण यह एक प्रमुख शक्ति बनने की राह पर खड़ा है।

ASIN ‏ : ‎ B0DNTWF4S1
Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. (8 November 2024)
Language ‏ : ‎ Hindi
Paperback ‏ : ‎ 900 pages
Item Weight ‏ : ‎ 495 g
Dimensions ‏ : ‎ 22 x 14 x 1.4 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Net Quantity ‏ : ‎ 4 Count
Packer ‏ : ‎ BestSellingBooks
Generic Name ‏ : ‎ Book

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